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Ek Jaanib Sham-e-Mehfil

Abhilasha (1968)


Movie: Abhilasha
Year: 1968
Director: Amit Bose
Music: R.D. Burman
Lyrics: Majrooh Sultanpuri
Singers: Mohammed Rafi, Manna Dey

एक जानिब शम-ए-मेहफिल
एक जानिब शम-ए-मेहफिल
एक जानिब रूह-ए-जाना
हो गिरता है देखे कहाँ परवाना
एक जानिब शम-ए-मेहफिल

एक जानिब शम-ए-मेहफिल
हो एक जानिब रूह-ए-जाना
हो गिरता है देखे कहाँ परवाना
एक जानिब शम-ए-मेहफिल

एक सु एक शोला चरागों की अंजुमन में
एक सु रंगे जलवा किसी बूथ पाकपन में
एक शोला एक जलवा और इनमें एक दीवाना
एक जानिब शम-ए-मेहफिल
हो एक जानिब रूह-ए-जाना
हो गिरता है देखे कहाँ परवाना
एक जानिब शम-ए-मेहफिल

उसकी क्या है मंज़िल नहीं इतना बेखबर भी
आया दिलबरों में तो है काफी एक नज़र भी
इन नज़रों को यारो क्या जानू मैं अनजाना
एक जानिब शम-ए-मेहफिल
एक जानिब रूह-ए-जाना
हो गिरता है देखे कहाँ परवाना
एक जानिब शम-ए-मेहफिल

क्या क्या रंग निकले हसीनो की सादगी से
इतनी है शिकायत के मिलते है अजनबी से
जो ऐसा बेपरवाह क्या उसे दिल उलझाना
एक जानिब शम-ए-मेहफिल
हो एक जानिब रूह-ए-जाना
हो गिरता है देखे कहाँ परवाना
एक जानिब शम-ए-मेहफिल
एक जानिब रूह-ए-जाना
हो गिरता है देखे कहाँ परवाना
एक जानिब शम-ए-मेहफिल

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